नीलेंद्र मिश्रा भोपाल ब्यूरो….मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए सबसे बड़ा बदलाव नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा है, जिसके तहत अब नगर पालिका और नगर परिषदों के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा….

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रहा। अब नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया पार्षदों के माध्यम से होती थी।

कब से लागू होगी नई व्यवस्था….
अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव की यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से लागू होगी। तब जनता अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और अविश्वास प्रस्तावों के कारण बार-बार पैदा होने वाली अस्थिरता समाप्त होगी।

अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था….
बैठक में तय किया गया कि अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब तीन-चौथाई पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ चुनाव कराएगा। इसमें जनता ही यह निर्णय करेगी कि अध्यक्ष पद पर रहेंगे या हटेंगे।