टी जैन रायपुर ब्यूरो – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पैतृक गांव बेलौरी और दुर्ग शहर के लिए कलेक्टर को नरवा गरुवा घुरवा बारी योजना बनाने के निर्देश दिए हैं । सीएम ने कलेक्टर को अपने गांव में सार्वजनिक गौठान दिखा कर दुर्ग शहर में ऐसी जगह खोजने के लिए कहा है । इस योजना पर बजट के बाद काम शुरु होगा । योजना के प्रथम चरण में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाने की योजना है । रायपुर और बिलासपुर के कुछ गांवों में भी इस योजना को शुरु किया जाएगा ।
नरवा गरुवा घुरवा बारी योजना
इस योजना के अंतर्गत हर गांव में गौठान को घेरकर उसे पशुओं के डे केयर की तरह विकसित किया जाएगा. चरण बद्ध तरीके से इसे हरे चारे के लिए चारागाह को विकसित किया जाएगा.गौठान में चारा और पानी की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी. गौठान की देखरेख के लिए हर गांव में ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के बीच गौठान समन्वय समिति बनाकर इसे संचालित किया जाएगा. गौठान में जो गोबर और गौमुत्र इकट्ठा होगा. उससे आय के साधन विकसित किये जाएंगे. गोबर से जैविक खाद और बायोगैस बनाया जाएगा. बायोगैस का इस्तेमाल गांव के लोग करेंगे. जबकि जैविक खाद को बेचा जाएगा ।
सीएम भूपेश बघेल का कहना है कि गाय हमारी आवश्यकता है । गाय के चलते ही भूमि उर्वर बनी हुई है । वरना ज़मीन की उर्वरता खत्म हो जाएगी. इसलिए गायों के संवर्धन और खेती के लिए फिर से लाभप्रद बनाए जाने की आवश्यकता है । सरकार नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी योजना के जरिये गौठान को ग्रामीण अर्थव्यस्था के मूलभूत संस्थान की तरह विकसित कर रही है ।













