( पंकज पाल संवाददाता )
पिपरिया – द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पिपरिया श्रीमति अर्चना रघुवंशी के न्यायालय द्वारा आरोपी सुरेन्द्र नागवंशी को धारा 5l/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कारावास व 1000/- रूपये के अर्थदण्ड से तथा धारा 366 भादवि. में 3 वर्ष का कारावास व 500 रूपये के अर्थदंड से दण्डित किया गया ।
मामले मे शासन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक एवं एडीपीओ बाबूलाल काकोड़िया द्वारा बताया गया कि पीड़ित बालिका के पिता ने दिनांक 22.02.23 को बनखेड़ी थाने में आकर गुम इंसान सूचना दर्ज कराई ओर बताया कि 21.02.2023 सुबह करीब 5 बजे उठकर उसकी पत्नी ने देखा कि उसकी पुत्री पीड़ित बालिका बिस्तर पर सोई हुई थी परंतु 6.30 बजे सब बच्चे उठ गए थे परंतु पीड़िता उसके बिस्तर पर नहीं थी उसे आसपास में सभी रिश्तेदारों के यहां तलाश किए जाने पर कोई पता नहीं चला, इसलिये उसने अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध उसे बहला-फुसलाकर ले जाने के संदर्भ से थाना बनखेड़ी में गुम इंसान सूचना दर्ज करायी जिसके आधार पर थाना बनखेड़ी में अपराध क्र. 33 / 2023 पर धारा 363 भादंवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा पीड़ित बालिका को दस्तयाब कर उसके कथन लेखबद्ध किए गए जिसमें पीड़ित बालिका द्वारा बताया गया कि अभियुक्त सुरेन्द्र उसे शादी का बोलकर उसके साथ ले गया था जहां उसने उसके साथ गलत काम किया था । विवेचना उपरांत आरोपी सुरेन्द्र नागवंशी के विरूद्ध धारा 363, 366, 376 (3), 376 (2) (N) भादवि तथा धारा 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय मे पेश किया गया था ।
इस मामले मे अभियोजन द्वारा न्यायालय मे 18 अभियोजन साक्षियो के साक्ष्य कराये गये थे, न्यायालय द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्को से सहमत होकर आरोपी सुरेन्द्र नागवंशी को दण्डित किया गया ।
प्रकरण मे सशक्त पैरवी विशेष लोक अभियोजक एवं एडीपीओ बाबूलाल काकोड़िया द्वारा की गई ।













