( पंकज पाल संवाददाता  )

 

 

पिपरिया – गुरुवार सुबह रेशम केंद्र मटकुली में एक चीतल मृत अवस्था मे मिला ये शिकार कुत्तो द्वारा किया गया या किसी जंगली जानवर द्वारा अभी इसकी जानकारी प्राप्त नही हो सकी है, जानकारी के अनुसार बुधवार को इस चीतल के पीछे करीब 3 से 4 कुत्ते भाग रहे थे और यह चीतल इन कुत्तो के हमले से बचने जंगल से निकल मटकुली के मुख्य बस स्टैंड पर से भागते हुए छिंदवाड़ा रोड से लगे जंगलो की तरफ भाग गया था जिसकी जानकारी तुरन्त वन विभाग को दे दी गयी थी ।

 

गुरुवार को जानकारी प्राप्त हुई कि यह चीतल रेशम केंद्र मटकुली में सुबह मृत पाया गया जब इस संबंध में वन विभाग के कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की गई तो बताया गया कि बुधवार को इस चीतल को पानी पिलाया गया उसके बाद वह जंगल मे भाग गया सुबह यह चीतल मृत अवस्था मे पाया गया, यह चीतल घायल अवस्था मे था इसकी जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी थी लेकिन गुरुवार को दिनभर इसका पोस्टमार्टम नही किया गया ।

 

जब हमारे द्वारा वन विभाग के अधिकारीयों से जानकारी मांगी गई तो बताया गया गारे की कार्यवाही करने का कहा गया पोस्टमार्टम नही किया गया, वही दो दिन बीत जाने के बाद भी पोस्टमार्टम से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त नही हो सकी है ना ही घटना से संबंधित जानकारी वन विभाग द्वारा दी गयी है, वही जानकारी प्राप्त हुई है कि शुक्रवार शाम 6.30 बजे के लगभग पोस्टमार्टम किया गया है लेकिन इस घटना से संबंधित कोई भी जानकारी पत्रकारों को देने में वन विभाग के कर्मचारी एक दूसरे का कह देने से बचते नजर आए, नाही चीतल की कोई फ़ोटो ओर वीडियो वन विभाग द्वारा साझा की गई ।

 

जब हमने सहायक संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व संजीव शर्मा से बात की ओर उनको वन विभाग के कर्मचारियों ओर अधिकारियों की लापरवाही बात बताई गई ओर पत्रकारों को जानकारी ना देना भी बताया गया वही उनके द्वारा अधिकारी ओर कर्मचारियों से बात करने की बात भी कही, उनके द्वारा ही चीतल के अंतिम संस्कार की फोटो भेजी गई ।

 

चीतल के अंतिम संस्कार के दौरान नायब तहसीलदार नीरज कुमार सिंह बेस, सहायक संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व संजीव शर्मा के साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे ।

 

अब सवाल उठता है आखिर एसटीआर के मटकुली क्षेत्र में क्या चल रहा है कर्मचारी ही अधिकारी बने बैठे है, ठीक तरह पत्रकारों को जबाव एवं जानकारी ना देना एक दूसरे को ऊपर डालने का कार्य चलने लगा है, आखिर वरिष्ठ अधिकारियों नजर कब पड़ेगी यहा पदस्थ अधिकारी ओर कर्मचारियों पर जो काफी लंबे समय से अंगद के पैर के समान जमाकर बैठे है इनका ट्रांसफर ना होना कही कही वरिष्ठ अधिकारीयो ओर राजनीतिक संरक्षण से इंकार भी नहीं किया जा सकता ।