नीलेंद्र मिश्रा भोपाल ब्यूरो…..प्रदेश में इस बार नवंबर ने ही सर्दी के हालात बिगाड़ दिए।लगातार 15 दिन चली शीतलहर ने लोगों को दिसंबर जैसा मौसम नवंबर में ही महसूस करा दिया। राहत की बात यह है कि अब अगले चार दिन शीतलहर का असर नहीं रहेगा। प्रदेश कई जिलों में बदल छाए रहे। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से प्रदेश में लगातार तीसरे दिन बादल छाए रहे। इससे दिन के तापमान में गिरावट आई है।

 

समय से पहले बर्फबारी से नवंबर में ही बढ़ी ठिठुरन…..
हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से पहले हुई बर्फबारी का सीधा असर मध्यप्रदेश पर पड़ा। बर्फीली हवा की मार से भोपाल में 1931 के बाद सबसे लंबी 15 दिन शीतलहर चली। रात का तापमान भी गिरकर 5.2°C तक पहुंच गया, जो नवंबर का रिकॉर्ड न्यूनतम है।फिलहाल हवा का रुख बदलने से उत्तर की ठंडी हवा का प्रवाह रुक गया है। इसी कारण पिछले तीन दिनों से प्रदेश में कहीं भी शीतलहर नहीं चली। यही स्थिति अब चार दिन और बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, दिसंबर के पहले सप्ताह से ठंड फिर करवट ले सकती है।

 

कोहरे और ठंड को लेकर एडवाइजरी….
भोपाल में दिनभर धुंध छाई रहती है। सुबह दृश्यता 1-2 किमी तक सीमित हो जाती है। पचमढ़ी, नर्मदापुरम, रीवा, सतना और शाजापुर भी घने कोहरे की चपेट में हैं। वाहन चालक सावधान रहें धीमी रफ्तार रखें, फॉग लाइट का उपयोग करें। सिर, गर्दन और हाथ-पैर ढककर रखें। सर्दी-खांसी में डॉक्टर से सलाह लें। विटामिन-C युक्त फल खाएं।किसान नमी वाली जमीन पर गेहूं-चना-सरसों-मटर की बुआई करें। फसल अवशेष (ठूंठ) न जलाएं।