आशीष रावत पिपरिया ….. पिपरिया के मंगलवारा बाजार हृदय स्थल पर बने प्राचीन दुर्गा मंदिर का संचालन प्रशासन धार्मिक न्यास के माध्यम से करते आ रहा है , मंदिर के ट्रस्ट में महज दो मेंबर बचे हैं , ओर जो हैं उनकी उम्र ज्यादा होने के चलते मंदिर में ध्यान ही नहीं देते जिस वजह से मंदिर की व्यवस्थाएं सुचारू नही चल पा रही , कई ट्रस्टी तो स्वर्गवासी हो चुके हैं , ऐसे में शहर के समाज सेवकों ने दुर्गा मंदिर धार्मिक न्यास के पुनर्गठन की मांग उठाई है …..
पिपरिया के हृदय स्थल पर बने प्राचीन दुर्गा मंदिर का संचालन प्रशासन एक समिति धार्मिक न्यास बनाकर कर रहा है । वही इस समिति के कई मेंबरों का स्वर्गवास हो चुका है । मंदिर के न्यास में महज दो मेंबर जीवित हैं । जो बुजुर्ग होने के चलते दुर्गा मंदिर में समय ही नहीं दे पाते हैं और जो ट्रस्टी स्वर्गवासी हो चुके हैं उनके परिजन भी दुर्गा मंदिर पर ध्यान तक नहीं देते हैं । दुर्गा मंदिर के बेहतर रख रखाव और प्रबंधन के लिए एक बार पुनः धार्मिक न्यास दुर्गा मंदिर के मेंबरों के चयन की मांग उठी है ।
मंदिर के ट्रस्टियों के परिजनों को नही मिलना चाहिए मौका…..
दुर्गा मंदिर धार्मिक न्यास के ट्रस्टियों की मौत के बाद उनके परिजन कभी मंदिर में दिखते तक नहीं । वहीं समाज सेवकों का कहना है कि मंदिर की व्यवथाओ में आगे रहे ऐसे लोगों को न्यास की समिति में रखना चाहिए । प्रशाशन को सार्वजनिक रूप से प्रशासन को न्यास के नए मेंबरो का चयन करना चाहिए न की ऐसे लोगो को जगह मिले जिन्हे मंदिर के संचालन से कोई मतलब न हो ।
बरहाल प्रशासन को दुर्गा मंदिर धार्मिक न्यास की सुध लेना चाहिए और इसकी समिति का पुनर्गठन करते हुए हर साल आडिट करना चाहिए । प्रशासन से आम जनता को उम्मीद है कि शहरवासियों की आस्था से जुड़े इस मंदिर पर ध्यान देते हुए तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए ।













