( पंकज पाल संवाददाता )
पिपरिया – सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के परिपेक्ष में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने एवं नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करने के संबंध में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम नायब तहसीलदार नीरज सिंह बैस को ज्ञापन सौंपा ।

ज्ञापन सौंपते समय राज्य शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दीपसिंह रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि आयुक्त लोक शिक्षण संचालक एवं आयुक्त जनजाति कार्य विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त नॉन (TET) शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा TET उत्तीर्ण करने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचना दिनांक 10 अगस्त 2010 की कंडिका 4 क) ग) एवं कंडिका 5 के अनुसार 3 सितंबर 2001 के पश्चात नियुक्त शिक्षक (संविदा शाला शिक्षक) 3 सितंबर 2001 के पूर्व नियुक्त (शिक्षा कर्मी व संविदा शाला शिक्षक) तथा 2011 से 2014 के मध्य गुरुजी से संविदा शिक्षक के रूप में नियुक्त शिक्षक को TET से छूट प्रदान की गई है ।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय में भी उक्त छूट का उल्लेख किया गया है इसके बावजूद विभागीय आयुक्तों द्वारा समस्त सेवारत नान TET शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने हेतु बाध्य किया जाना अधिसूचना के प्रावधानों एवं न्यायालय के निर्णय की भावना के विपरीत है ।
आयुक्त लोक शिक्षण संचनालय भोपाल द्वारा दिनांक 2 मार्च 2020 तथा आयुक्त जनजाति कार्य विभाग मध्य प्रदेश द्वारा दिनांक 26 मार्च 2006 को जारी आदेशों को तत्काल निरस्त करने की कृपा करें, प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कर उन्हें अनावश्यक मानसिक तनाव से राहत प्रदान करने की कृपा करें। नवीन शैक्षिक संवर्ग के शिक्षकों को लंबे समय से की जा रही ज्वलंत मांग को दृष्टिगत रखते हुए उनकी सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने हेतु आवश्यक आदेश जारी करने की कृपा करें, जिससे पेंशन ग्रेच्युटी एवं अवकाश नगदीकरण जैसे वैधानिक लाभ पदोन्नति क्रमोन्नति की भांति सुनिश्चित हो सके, इस विषय पर संवेदनशीलता एवं न्याय उचित दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रदेश के मुखिया शिक्षकों को आवश्यक राहत प्रदान करेंगे ।













