आशीष रावत…..छिंदवाड़ा जिले में एक बेहद असंवेदशनशील खबर सामने आई है, जहां एक अस्पताल के टॉयलेट में एक नवजात बच्ची का शव अटका हुआ मिला है….
छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है । अस्पताल के टॉयलेट में एक नवजात बच्ची का शव फंसा हुआ मिला है । सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस देर रात करीब 8 बजे कड़ी मशक्कत के बाद टॉयलेट तोड़कर बच्ची के शव को बाहर निकाला है। जांच में जुटी पुलिस ने आशंका जताई है कि टॉयलेट के कमोड में फंसी मिली नवजात के लड़की होने के चलते प्रसूता और उसके परिजनों द्वारा यह अमानवीय कृत्य किया गया होगा । फिलहाल, पुलिस अस्पताल में आए मरीजों, सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टरों की जांच कर रही है, ताकि संबंधित महिला की पहचान की जा सके।
टॉयलेट में फंसी नवजात बच्ची का हाथ और सिर दिखा…..
सफाई कार्य के दौरान महिला सफाई कर्मचारी ने देखा कि शौचालय के कमोड से पानी का प्रवाह नहीं हो रहा है। शुरुआत में उसे किसी वस्तु के फंसे होने का संदेह हुआ, लेकिन जब उसने ध्यान से देखा तो उसके होश उड़ गए । कमोड के अंदर नवजात का हाथ और सिर दिखाई दे रहा था।घबराई कर्मचारी ने तत्काल अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी ।
महिला का सुराग नहीं…..
लगभग 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कमोड को तोड़कर नवजात के शव को बाहर निकाला जा सका । तब तक शाम ढल चुकी थी। इसके बाद आनन-फानन में अस्पताल के एएनसी, पीएनसी कक्ष और लेबर रूम की जांच की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी महिला ने हाल ही में प्रसव तो नहीं किया है और बच्चा उसके साथ नहीं है। हालांकि जांच के दौरान ऐसी किसी महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका ।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और नवजात को शौचालय में छोड़ने वाली महिला की तलाश जारी है। यह घटना न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गहरा आघात पहुंचाती है।













